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साइबर धोखाधड़ी को रोकने के लिए भारत ने वैश्विक व्यवस्था का आह्वान किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साइबर धोखाधड़ी को रोकने के लिए एक वैश्विक प्रणाली की स्थापना का आह्वान किया है। यह कदम ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में संगठित धोखाधड़ी नेटवर्क पर गंभीर चिंता व्यक्त करने के कुछ सप्ताह बाद आया है।
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प्रधानमंत्री मोदी ने साइबर धोखाधड़ी की समस्या से निपटने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और समन्वय को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया है। उनका मानना है कि साइबर अपराध को समस्या बनने से पहले ही रोका जाना चाहिए।
यह आह्वान एक महत्वपूर्ण समय पर आया है जब ब्रिक्स देशों ने हाल ही के शिखर सम्मेलन में संगठित स्केम नेटवर्क के बढ़ते खतरे को लेकर अपनी गंभीर चिंता दर्ज की थी। साइबर धोखाधड़ी के मामले दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे अरबों डॉलर की हानि हो रही है।
मोदी का प्रस्ताव देशों के बीच बेहतर सूचना साझाकरण, कानूनी ढांचे में समरूपता और साइबर अपराधियों के खिलाफ समन्वित कार्रवाई पर केंद्रित है। विशेषज्ञों का मानना है कि साइबर धोखाधड़ी को रोकने के लिए तकनीकी समाधान, जनता को जागरूक करना और अंतर्राष्ट्रीय कानून प्रवर्तन सहयोग आवश्यक है।
भारत और अन्य एशियाई देश साइबर अपराधों की चपेट में आने वाले प्रमुख क्षेत्र बने हुए हैं। एक वैश्विक रोकथाम प्रणाली की स्थापना से डिजिटल अर्थव्यवस्था की सुरक्षा सुनिश्चित करने और नागरिकों तथा व्यवसायों की संपत्ति की रक्षा में मदद मिल सकेगी।