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मोदी के बचपन के दोस्त की भावुक चिट्ठी, कृष्ण-सुदामा की तुलना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से पहले उनके वडनगर के बचपन के साथी शामळदास मोदी ने एक पत्र जारी किया है। इसमें उन्होंने दोनों की दोस्ती को श्रीकृष्ण और सुदामा की कथा से जोड़ा है।
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गुजरात के वडनगर में बिताए गए दिनों को याद करते हुए शामळदास मोदी ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'श्रीकृष्ण' की संज्ञा दी है और स्वयं को 'सुदामा' का रूप बताया है। भावुक अंदाज में लिखी गई यह चिट्ठी उनकी लंबी दोस्ती और साझा बचपन की यादों को दर्शाती है।
पत्र में शामळदास ने दोनों की दोस्ती की गहराई को रेखांकित करते हुए मोदी के जन्मदिन पर उन्हें याद किया है। वडनगर के विकास और शहर के बदलते चेहरे पर भी उन्होंने अपने विचार व्यक्त किए हैं। साथ ही, वे मोदी के सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक यात्रा का भी संदर्भ देते हैं।
यह पत्र प्रधानमंत्री के व्यक्तिगत जीवन और उनकी जड़ों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जा रहा है। इसमें वडनगर का उल्लेख न केवल भूगोल के रूप में बल्कि भावनात्मक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में उजागर होता है।