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प्रधानमंत्री मोदी ने विरोधियों को 'नाराज फुफा' कहा, 'दिमागी नक्सल' टिप्पणी का बचाव किया
दिल्ली के एक प्रतिष्ठित महाविद्यालय में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से अपने भाषण में दी गई 'दिमागी नक्सल' टिप्पणी का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने आलोचकों को 'होम्योपैथिक गोलियां' दी हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शीर्ष दिल्ली कॉलेज में दिए गए अपने भाषण में विपक्षी राजनेताओं को 'नाराज फुफा' कहकर संबोधित किया। इस टिप्पणी के माध्यम से उन्होंने सत्तारूढ़ सरकार की नीतियों की आलोचना करने वालों पर निशाना साधा।
मोदी ने अपने संबोधन में 15 अगस्त को लाल किले से दिए गए अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण का संदर्भ दिया। उन्होंने कहा कि उसी अवसर पर उन्होंने 'दिमागी नक्सल' शब्द का प्रयोग करके सरकार के आलोचकों को 'होम्योपैथिक गोलियां' दी थीं। यह टिप्पणी उन्होंने राजनीतिक विरोधियों को संबोधित करते हुए की थी।
इस बयान के माध्यम से प्रधानमंत्री ने सरकार की आलोचनात्मक नीतियों के प्रति अपना रुख स्पष्ट किया। उनकी यह टिप्पणी राजनीतिक विमर्श में मतभेद को लेकर विभिन्न विचारधाराओं के बीच चल रही बहस का हिस्सा है।
प्रधानमंत्री के इस वक्तव्य को विपक्षी दलों की तरफ से कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा है, जिन्होंने इसे लोकतांत्रिक परंपरा के विरुद्ध माना है। वहीं, सत्तारूढ़ दल ने इसे सरकार की वैध नीति आलोचना का जवाब बताया है।