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अरुणाचल सीमा तनाव और आर्थिक मुद्दे मोदी-शी की बैठक का केंद्र
भारतीय और चीनी नेताओं की तीन साल में तीसरी मुलाकात होने जा रही है, लेकिन द्विपक्षीय संबंधों में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिख रहा। सीमावर्ती क्षेत्र में तनाव और आर्थिक मुद्दे इस बैठक का मुख्य एजेंडा बनने वाले हैं।
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भारत और चीन के शीर्ष नेता आने वाले समय में द्विपक्षीय बैठक करने जा रहे हैं, जो पिछले तीन वर्षों में उनकी तीसरी औपचारिक मुलाकात होगी। यह बैठक दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को कम करने का एक प्रयास माना जा रहा है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि संबंधों में कोई बड़ा सुधार देखने को नहीं मिल सकता।
अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर तनाव इस मुलाकात का सबसे महत्वपूर्ण विषय रहेगा। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद लंबे समय से चली आ रही समस्या है, और हाल के वर्षों में सीमावर्ती क्षेत्रों में कई घटनाएं इस तनाव को और बढ़ा गई हैं।
इसके अलावा, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंध भी इस बैठक में चर्चा का विषय रहेंगे। भारत और चीन एशिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं और उनके बीच व्यापार संबंध अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह मुलाकात एक औपचारिक प्रयास होगी, लेकिन सीमावर्ती विवादों को लेकर दोनों देशों के बीच पारस्परिक विश्वास की कमी बनी हुई है। ऐसे में किसी तुरंत समाधान की उम्मीद कम ही दिख रही है।