LSN News › India

World · India Bureau

भारत में मॉड्यूलर प्रीकास्ट निर्माण तकनीक तेजी से लोकप्रिय हो रही है

निर्माण उद्योग में मॉड्यूलर प्रीकास्ट तकनीक का उपयोग भारत में तेजी से बढ़ रहा है। यह तरीका समय, लागत और गुणवत्ता के मामले में पारंपरिक निर्माण विधियों से बेहतर साबित हो रहा है।

LSN India · 29 September 2026

भारत में मॉड्यूलर प्रीकास्ट निर्माण तकनीक तेजी से लोकप्रिय हो रही है

भारतीय निर्माण क्षेत्र में मॉड्यूलर प्रीकास्ट तकनीक का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। यह विधि निर्माण कार्य को पूर्व निर्मित घटकों का उपयोग करके संपन्न करती है, जिससे निर्माण समय में उल्लेखनीय कमी आती है। पारंपरिक ऑन-साइट निर्माण की तुलना में यह तरीका अधिक नियंत्रित और सुसंगत परिणाम देता है।

इस तकनीक के प्रमुख लाभों में परियोजना समय में 30 से 40 प्रतिशत तक की कमी शामिल है। निर्माण व्यय में भी उल्लेखनीय बचत संभव है क्योंकि पूर्व निर्मित घटक औद्योगिक सुविधाओं में तैयार किए जाते हैं, जहां गुणवत्ता नियंत्रण अधिक कठोर होता है। इसके अलावा, साइट पर अपशिष्ट उत्पादन में भी कमी आती है।

भारत में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और बुनियादी ढांचे की बढ़ती मांग के कारण निर्माण कंपनियां इस तकनीक की ओर ध्यान दे रही हैं। आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक परियोजनाओं में मॉड्यूलर प्रीकास्ट का उपयोग बढ़ रहा है। यह पद्धति श्रम-गहन प्रक्रियाओं को कम करते हुए काम की गति बढ़ाती है।

अगले वर्षों में भारतीय निर्माण उद्योग में यह तकनीक एक मानक पद्धति बनने की ओर अग्रसर है। सरकार के स्मार्ट सिटीज प्रोजेक्ट और अन्य बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए मॉड्यूलर प्रीकास्ट समाधान अधिक उपयुक्त साबित हो रहे हैं। इससे भारतीय निर्माण क्षेत्र में आधुनिकीकरण की गति तेज हो रही है।