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बरसात में गमले की मिर्च को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये तरीके
मानसून के दौरान पॉट में लगे मिर्च के पौधों को विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। जल निकासी और उचित पोषण से पौधे स्वस्थ रहते हैं और अधिक फसल देते हैं।
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मानसून के मौसम में घरेलू बागवानी के शौकीनों को गमलों में लगे मिर्च के पौधों की विशेष देखभाल करनी चाहिए। अत्यधिक वर्षा और मिट्टी में जलभराव से पौधों की जड़ों को नुकसान पहुंचने का जोखिम रहता है, जिससे पौधा कमजोर पड़ सकता है।
सफल खेती के लिए गमले में उचित जल निकासी सुनिश्चित करना सर्वोपरि है। गमले के तले में ड्रेनेज छिद्र होने चाहिए ताकि अतिरिक्त पानी निकल सके। बरसात के दिनों में पौधे को आवश्यकता से अधिक पानी देने से बचें और मिट्टी की नमी की जांच करके ही सिंचाई करें।
पौधे की वृद्धि और फलदार क्षमता बढ़ाने के लिए हल्की गुड़ाई, जैविक खाद का उपयोग और पर्याप्त धूप अत्यंत महत्वपूर्ण है। गमले को ऐसी जगह रखें जहां दिनभर अच्छी धूप मिले। नियमित अंतराल पर वर्मीकम्पोस्ट या गोबर की खाद डालने से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है।
इन सावधानियों को अपनाकर किसान और बागवान मानसून के दौरान भी अपने गमलों में स्वस्थ मिर्च के पौधे रख सकते हैं और उचित समय पर प्रचुर मात्रा में हरी मिर्च का उत्पादन कर सकते हैं।