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मानसून में बुखार और शारीरिक पीड़ा से कैसे बचें: एम्स विशेषज्ञ की सलाह

बारिश के मौसम में डेंगू, मलेरिया और स्वाइन फ्लू जैसी संक्रामक बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। दिल्ली एम्स के चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर डॉ. नीरज निश्चल ने इन बीमारियों से बचाव के तरीके और बुखार आने पर तुरंत क्या कदम उठाने चाहिए, इस बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।

LSN India · 18 August 2026

मानसून में बुखार और शारीरिक पीड़ा से कैसे बचें: एम्स विशेषज्ञ की सलाह

वर्षा ऋतु के दौरान संक्रामक रोगों का प्रसार तेजी से होता है। डेंगू, मलेरिया और स्वाइन फ्लू सभी में तेज बुखार एक प्रमुख लक्षण है जो रोगियों को गंभीर परेशानी देता है। दिल्ली एम्स के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. नीरज निश्चल ने इन स्थितियों में रोगियों को सही प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करने पर जोर दिया है।

डॉ. निश्चल के अनुसार, बुखार के साथ शरीर में दर्द होने पर सबसे पहले चिकित्सीय परामर्श लेना आवश्यक है। लक्षणों को नजरअंदाज न करते हुए रोगी को पानी का सेवन अधिक मात्रा में करना चाहिए और आराम करना चाहिए। बुखार कम करने के लिए स्वच्छ पानी से शरीर को पोंछने जैसे घरेलू तरीके भी काफी प्रभावी साबित होते हैं।

इस मौसम में बीमारी से बचाव ही सर्वोत्तम उपाय है। मच्छरों से दूर रहने, साफ-सफाई बनाए रखने और जहां संभव हो टीकाकरण करवाने जैसे कदम महत्वपूर्ण हैं। यदि बुखार तीन दिन से अधिक समय तक रहे या शारीरिक दर्द असाध्य हो तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

पेशेवर चिकित्सकों का मानना है कि जागरूकता और सतर्कता से इन बीमारियों के प्रसार को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। समय पर निदान और उचित उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।