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RBI की दरें बढ़ने से बैंकों को मिलेगा फायदा: मॉर्गन स्टेनली
मॉर्गन स्टेनली के विश्लेषण के अनुसार, रेपो-लिंक्ड ऋणों का अधिक हिस्सा रखने वाले बैंकों को RBI की 25 आधार अंकों की दर वृद्धि से सबसे अधिक लाभ मिलेगा। हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों में भी समान सकारात्मक प्रभाव देखे जा सकते हैं।
LSN India ·
भारतीय रिजर्व बैंक की संभावित दर वृद्धि के परिदृश्य में मॉर्गन स्टेनली ने बैंकिंग और आवास वित्त क्षेत्र में विजेता संस्थानों की पहचान की है। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा प्रदाता के अनुमान के अनुसार, 25 आधार अंकों की दर बढ़ोतरी से बैंकों के लाभ मार्जिन में सुधार होगा, विशेषकर उन संस्थानों में जिनकी ऋण पोर्टफोलियो में रेपो दरों से जुड़े ऋण अधिक हैं।
रेपो-लिंक्ड लोन्स का अर्थ ऐसे ऋण हैं जिनकी ब्याज दरें RBI के रेपो रेट में होने वाली गतिविधियों से सीधे जुड़ी होती हैं। ऐसे ऋणों का अधिक प्रतिशत रखने वाले बैंक दरों में बढ़ोतरी के तुरंत बाद अपनी आय में वृद्धि देख सकते हैं।
मॉर्गन स्टेनली की विश्लेषणात्मक रिपोर्ट बताती है कि इस परिस्थिति में एक विभेदित प्रभाव सामने आएगा। जिन बैंकों ने अपनी ऋण रणनीति में अधिक लचीलापन लाया है और बाजार-दर-संबद्ध उत्पादों को प्राथमिकता दी है, वे इस चक्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
आवास वित्त कंपनियों के मामले में भी यही सिद्धांत लागू होता है। उच्च रेपो-लिंक्ड पोर्टफोलियो वाली HFC संस्थाओं को दर वृद्धि के माहौल में अपनी शुद्ध ब्याज आय में सुधार की संभावना है। यह विश्लेषण निवेशकों को अपनी पोर्टफोलियो रणनीति तैयार करने में सहायता प्रदान करता है।