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सहजन के पत्तों में आयरन की भरपूर मात्रा, फली से कई गुना अधिक
सहजन का पौधा आयरन का उत्तम स्रोत माना जाता है, लेकिन इसके पत्तों में फलियों की तुलना में सात से ग्यारह गुना अधिक आयरन पाया जाता है। पोषण विशेषज्ञ रक्ताल्पता से निपटने के लिए सहजन के पत्तों के सेवन की सलाह देते हैं।
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सहजन, जिसे वैज्ञानिक नाम मोरिंगा ओलेइफेरा से जाना जाता है, भारतीय रसोई में एक सामान्य सब्जी है। इसे अपने पोषक गुणों के कारण प्राचीन काल से ही उपयोग किया जा रहा है। हालांकि, इसी पौधे के विभिन्न हिस्सों में पोषक तत्वों की मात्रा में काफी अंतर होता है।
पोषण विशेषज्ञों के अनुसार सहजन के पत्तों में सूक्ष्म पोषक तत्वों का भंडार होता है। अध्ययनों से पता चलता है कि सहजन की पत्तियों में फली की तुलना में आयरन की सांद्रता बहुत अधिक होती है। एक सेवन में पत्तियों से मिलने वाला आयरन, फली से मिलने वाले आयरन का सात से ग्यारह गुना तक हो सकता है।
आयरन शरीर में रक्त की कमी दूर करने के लिए एक महत्वपूर्ण खनिज है। रक्ताल्पता या एनीमिया एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जो विशेषकर भारत में महिलाओं और बच्चों को प्रभावित करती है। इसी कारण स्वास्थ्य विशेषज्ञ सहजन के पत्तों को आहार में शामिल करने की अनुशंसा करते हैं।
सहजन के पत्तों को विभिन्न तरीकों से खाया जा सकता है। इन्हें सूप, सलाद, या पकवान में मिलाकर सेवन किया जा सकता है। हालांकि, पत्तियों को सही तरीके से संरक्षित और तैयार करना आवश्यक है ताकि इनके पोषक गुण बने रहें। सहजन की फली को भी नियमित आहार में शामिल करना चाहिए, क्योंकि यह भी पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत है।