World · India Bureau
दो-पहिया वाहनों के लिए सड़क सुरक्षा नियमों पर सरकार का ध्यान
भारत में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) दो-पहिया वाहनों के लिए चरणबद्ध सुरक्षा नियमों पर विचार कर रहा है। स्पीड अलर्ट, प्रतिबिंबक टायर और पैदल चलने वालों के लिए चेतावनी जैसे उपाय इस योजना का हिस्सा हैं।
LSN India ·

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने दो-पहिया वाहनों में सुरक्षा सुविधाओं को अनिवार्य करने के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है। इस पहल का उद्देश्य भारत में बढ़ती सड़क दुर्घटना दर को नियंत्रित करना है, जहां दो-पहिया वाहन परिवहन का एक प्रमुख साधन हैं।
प्रस्तावित सुरक्षा उपायों में गति सूचक प्रणाली (स्पीड अलर्ट), प्रतिबिंबक टायर और पैदल चलने वालों को चेतावनी देने वाली प्रणाली शामिल है। इसके अलावा, पैर की सुरक्षा के लिए लेग गार्ड को भी अनिवार्य किया जाने पर विचार किया जा रहा है। ये सभी सुविधाएं वाहन चालकों और सड़क पर अन्य प्रयोगकर्ताओं की सुरक्षा में सुधार लाने के लिए डिजाइन की गई हैं।
MoRTH ने इन नियमों को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना बनाई है। इससे वाहन निर्माताओं को इन तकनीकों को अपने उत्पादन में शामिल करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ये उपाय सड़क सुरक्षा को महत्वपूर्ण रूप से बेहतर बना सकते हैं।
भारत विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं के मामले में दुनिया में शीर्ष देशों में से एक है। इसलिए, सरकार के इस कदम को एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है जो सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार ला सकता है।