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तर्पण में हाथ की मुद्रा का महत्व, जानें सही विधि

श्राद्ध पक्ष में तर्पण का महत्वपूर्ण स्थान है। पितरों को जल अर्पित करते समय अधिकांश लोग हाथ की सही मुद्रा का पालन नहीं करते।

LSN India · 22 September 2026

तर्पण में हाथ की मुद्रा का महत्व, जानें सही विधि

श्राद्धकर्म की परंपरा में पितरों के लिए तर्पण करना एक महत्वपूर्ण संस्कार माना जाता है। इस अवसर पर हाथ में कुशा धारण कर काले तिल से मिश्रित दूध, जल और अन्य पदार्थों को पितरों को समर्पित किया जाता है।

धार्मिक परंपराओं के अनुसार, तर्पण करते समय हाथ की सही मुद्रा का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। विशेषज्ञों के अनुसार, बहुसंख्यक लोगों को इस संस्कार को निष्पादित करते समय हाथ की उचित स्थिति के विषय में सटीक जानकारी नहीं होती।

तर्पण की विधि में कुशा का उपयोग और हाथ की निर्धारित मुद्रा मानी गई है। इन नियमों का पालन न करने से माना जाता है कि पितरों को जल अर्पित करने का संस्कार पूर्ण नहीं होता। धार्मिक ज्ञानियों का सुझाव है कि श्राद्ध पक्ष में तर्पण करने से पहले सही विधि की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लेनी चाहिए।