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राज्य के ड्राफ्ट ईएसए का 80 प्रतिशत हिस्सा पहले से संरक्षित: खंडरे
राज्य के मुख्य वन अधिकारी ने बताया कि पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र की ड्राफ्ट सूची का बड़ा हिस्सा पहले से आरक्षित और संरक्षित वनों के अंतर्गत आता है। इससे अतिरिक्त संरक्षण के लिए सीमित क्षेत्र ही बचा है।
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राज्य के पर्यावरण विभाग ने पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र (ईएसए) की ड्राफ्ट सूची तैयार की है। इस सूची में शामिल लगभग 80 प्रतिशत क्षेत्र पहले से ही आरक्षित वन या संरक्षित वन की श्रेणी में आता है। यह जानकारी राज्य के वन विभाग के शीर्ष अधिकारी खंडरे ने दी है।
खंडरे ने स्पष्ट किया कि ड्राफ्ट ईएसए में शामिल अधिकांश भूमि पहले से विद्यमान संरक्षण ढांचे के तहत कवर की जा चुकी है। इसका मतलब यह है कि इन क्षेत्रों में पहले से ही सख्त नियम और पर्यावरणीय प्रतिबंध लागू हैं।
वन अधिकारी के अनुसार, केवल शेष 20 प्रतिशत क्षेत्र को नई सुरक्षा व्यवस्था के अंतर्गत लाने की आवश्यकता है। इन क्षेत्रों की पहचान और वर्गीकरण प्रक्रिया चल रही है।
राज्य सरकार पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित करने और उचित संरक्षण उपाय सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय दिशानिर्देशों का पालन कर रही है। इस कदम से जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।