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मोठ की दाल: पोषण और स्वाद का परफेक्ट कॉम्बिनेशन
रोज के चना-मसूर से बोर हो गए हैं? पोषक तत्वों से भरपूर मोठ की दाल आपके दोपहर के खाने को स्वादिष्ट और स्वास्थ्यकर बना सकती है। फाइबर, कैल्शियम और प्रोटीन का यह संतुलित स्रोत किसी भी परिवार की थाली में जगह बना सकता है।
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मोठ की दाल भारतीय खान-पान में एक पारंपरिक और पौष्टिक विकल्प है जो अक्सर नजरअंदाज कर दी जाती है। यह दाल प्रोटीन, फाइबर और कैल्शियम से समृद्ध होती है, जिससे यह स्वास्थ्य के लिहाज से एक आदर्श खाद्य पदार्थ बन जाती है। रोज की दाल-रोटी की एकरसता से बाहर निकलने के लिए मोठ की दाल एक उत्तम विकल्प साबित हो सकती है।
इस दाल को तैयार करना बेहद सरल है और इसे चावल के साथ परोसा जा सकता है। मोठ की दाल को पकाने से पहले इसे अच्छी तरह धो लें और फिर प्रेशर कुकर में नरम होने तक पकाएं। दाल के पकने के बाद इसमें प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और अन्य मसाले मिलाकर एक स्वादिष्ट तड़का तैयार किया जा सकता है।
चटपटी मोठ की दाल तैयार करने के लिए तेल या घी में जीरा, राई और करी पत्ता तड़क लगाएं, फिर इसमें प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें। इसके बाद टमाटर और हरी मिर्च मिलाएं और अच्छी तरह पकाएं। पकी हुई दाल को इसी तड़े में मिलाकर नमक, हल्दी, लाल मिर्च और धनिया पाउडर डालें।
यह दाल न केवल पौष्टिक होती है बल्कि पाचन क्रिया को भी बेहतर बनाती है। मोठ की दाल को नियमित भोजन का हिस्सा बनाने से स्वास्थ्य में सुधार देखा जा सकता है और परिवार की थाली में विविधता भी आती है।