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बाढ़ राहत कार्य में मदद के बाद 50 हजार रुपये जुर्माना, विवाद बढ़ा
अरणमुला विधायक ने बाढ़ राहत अभियान में स्वेच्छा से भाग लेने वाले वाहन मालिकों का समर्थन किया है। विधायक का कहना है कि इस दंपति ने तीन दिनों तक अपनी कार से फंसे हुए लोगों को निकाला था।
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अरणमुला में मोटर वाहन विभाग द्वारा लगाए गए 50 हजार रुपये के जुर्माने को लेकर एक बार फिर विवाद उठ खड़ा हुआ है। स्थानीय विधायक अबिन वर्की ने इस जुर्माने की आलोचना करते हुए वाहन मालिकों का पक्ष लिया है।
विधायक के अनुसार, यह दंपति बाढ़ राहत कार्यों में स्वेच्छा से शामिल हुए थे। उन्होंने अपनी व्यक्तिगत कार का उपयोग करके लगातार तीन दिनों तक बाढ़ से घिरे और फंसे हुए नागरिकों को निकालने का कार्य किया था। विधायक का मानना है कि ऐसी परिस्थितियों में वाहन मालिकों को दंडित करना उचित नहीं है।
अबिन वर्की ने कहा है कि जिन नागरिकों ने आपातकालीन परिस्थितियों में समाज की सेवा की है, उन्हें सम्मानित किया जाना चाहिए, न कि दंडित। विधायक का कथन है कि बाढ़ राहत कार्यों में लगे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना गलत संदेश देता है।
यह मामला वाहन नियमों और आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों की भूमिका को लेकर चल रहे व्यापक विमर्श का हिस्सा है। अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच इस घटना को लेकर असहमति देखी जा रही है।