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MSCI पुनर्संतुलन से भारत के नए समापन नीलामी तंत्र को परीक्षा का सामना
सोमवार को MSCI पुनर्संतुलन के कारण लगभग 5 अरब डॉलर के निष्क्रिय निधि लेनदेन से भारतीय बाजारों को तरलता संबंधी चिंताओं का सामना करना पड़ सकता है। नई समापन नीलामी प्रणाली इस बड़े व्यापार प्रवाह को संभालने में अपनी सबसे बड़ी परीक्षा का सामना करेगी।
LSN India ·

भारतीय शेयर बाजारों की नई समापन नीलामी प्रणाली को इस सोमवार को अपनी सबसे महत्वपूर्ण परीक्षा का सामना करना पड़ेगा। MSCI सूचकांकों के पुनर्संतुलन के साथ लगभग 5 अरब डॉलर का निष्क्रिय निधि व्यापार बाजार में प्रवेश करने वाला है, जिससे तरलता संबंधी गंभीर चिंताएं उत्पन्न हुई हैं।
इतनी बड़ी मात्रा में एकसाथ लेनदेन के कारण बाजार में अस्थिरता आ सकती है। विश्लेषकों को आशंका है कि नई समापन नीलामी प्रणाली इतनी विशाल व्यापार मात्रा को सुचारू रूप से संभालने में सक्षम होगी या नहीं। तरलता की कमी के कारण बड़े विक्रेताओं को प्रतिकूल कीमतें मिलने का खतरा है।
MSCI पुनर्संतुलन एक नियमित प्रक्रिया है जिसमें सूचकांकों में शामिल स्टॉक की संरचना को समायोजित किया जाता है। यह प्रक्रिया आमतौर पर बाजारों में महत्वपूर्ण व्यापार प्रवाह को ट्रिगर करती है क्योंकि निधि प्रबंधकों को अपनी होल्डिंग को सूचकांक के अनुरूप बनाना होता है।
भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों ने हाल ही में अपनी समापन नीलामी प्रणाली में सुधार किए हैं, लेकिन इस आकार के लेनदेन से सिस्टम की क्षमता परीक्षण में आएगी। बाजार प्रतिभागियों को आने वाले दिनों में बाजार की गतिविधियों पर सतर्क नजर रखनी चाहिए।