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भारत में कई टीवी रेटिंग एजेंसियां आ सकती हैं, लेकिन कौन सी TRP मायने रखेगी?
भारत में शीघ्र ही एक से अधिक टीवी रेटिंग एजेंसियां काम करने लगेंगी। लेकिन जब एक ही कार्यक्रम की अलग-अलग रेटिंग आए तो इंडस्ट्री के लिए कौन सी संख्या मानक बनेगी?
LSN India ·

भारतीय दूरदर्शन उद्योग में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय टीवी कार्यक्रमों की दर्शक संख्या मापने के लिए कई स्वतंत्र एजेंसियों को अनुमति देने की ओर बढ़ रहा है। यह कदम वर्तमान एकाधिकार व्यवस्था को तोड़ने के लिए उठाया जा रहा है।
वर्तमान में भारत की टीवी रेटिंग प्रणाली एक ही माप पर निर्भर है। लेकिन जब बाजार में कई एजेंसियां होंगी तो प्रत्येक अलग-अलग डेटा प्रदान कर सकती है। उदाहरण के लिए, एक ही कार्यक्रम की रेटिंग में काफी अंतर हो सकता है। यह स्थिति विज्ञापनदाताओं और चैनलों के लिए भ्रामक साबित हो सकती है।
इंडस्ट्री विशेषज्ञों का कहना है कि एकाधिक एजेंसियों का होना स्वस्थ प्रतिस्पर्धा लाएगा और पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही, यह मजबूत नियामक ढांचे की मांग करता है। सरकार को ऐसे मानदंड तय करने होंगे जो सभी एजेंसियों के लिए समान हों।
विशेषज्ञ यह भी सुझाते हैं कि एक स्वतंत्र निकाय को विभिन्न एजेंसियों के डेटा को सत्यापित करना चाहिए। इससे बाजार में विश्वास बना रहेगा और किसी एक रेटिंग पर सर्वसम्मत निर्णय लिया जा सकेगा। आने वाले महीनों में इस विषय पर और स्पष्टता आने की संभावना है।