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मुंबई के दो पारसी डॉक्टरों को निशान-ए-इम्तिआज़ से सम्मानित किया जाएगा

पाकिस्तान के संस्थापक मुहम्मद अली जिन्ना की बीमारी को गोपनीय रखने के लिए मुंबई के दो प्रतिष्ठित पारसी चिकित्सकों को पाकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाज़ा जाएगा। इनके इस गोपनीय रवैये को 1947 में पाकिस्तान के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

LSN India · 20 August 2026

मुंबई के दो पारसी डॉक्टरों को निशान-ए-इम्तिआज़ से सम्मानित किया जाएगा

मुंबई के दो पारसी चिकित्सकों को पाकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान निशान-ए-इम्तिआज़ से सम्मानित किया जाएगा। ये डॉक्टर मुहम्मद अली जिन्ना की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति को गोपनीय रखने के लिए सम्मानित किए जा रहे हैं। जिन्ना की बीमारी का विवरण सार्वजनिक न होने के कारण उस समय के राजनीतिक परिदृश्य में कोई अनिश्चितता नहीं आई।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि जिन्ना की कमजोर स्वास्थ्य स्थिति का खुलासा हो गया होता तो इससे 1947 में पाकिस्तान के निर्माण की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती थी। उस समय पाकिस्तान के नेतृत्व में किसी भी प्रकार की कमजोरी का संकेत राजनीतिक अस्थिरता का कारण बन सकता था। इन दोनों डॉक्टरों का पेशेवर गोपनीयता का पालन एक ऐतिहासिक घटना मानी जा रही है।

यह सम्मान दक्षिण एशिया के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक मुहूर्त में निभाई गई भूमिका की स्वीकृति है। पारसी समुदाय के ये सदस्य अपनी पेशेवार जिम्मेदारी और राष्ट्रीय हित के बीच संतुलन बनाकर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थीं।