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महिलाओं ने मुंबई में लंबित सहायता राशि की मांग की
महिला संगठनों का नेतृत्व करते हुए कार्यकर्ताओं ने ई-केवाईसी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने की अपील की। सीपीआई(एम) नेता ब्रिंदा करात ने महाराष्ट्र सरकार पर महिलाओं को धोखा देने का आरोप लगाया।
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मुंबई में महिला संगठनों की अगुवाई में सैकड़ों प्रदर्शनकारी सरकारी सहायता राशि के वितरण में आने वाली देरी से निपटने के लिए सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य रूप से ई-केवाईसी सत्यापन प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की, जिसने हजारों महिलाओं को पेंशन और अन्य सामाजिक सहायता प्राप्त करने से रोक दिया है।
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) की वरिष्ठ नेता ब्रिंदा करात ने प्रदर्शन में भाग लेते हुए महाराष्ट्र सरकार पर महिलाओं को निराश करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक बाधाओं के कारण लाभार्थियों को दी जाने वाली राशि महीनों से लंबित है, जो गरीब परिवारों को आर्थिक कठिनाई में डाल रहा है।
महिला कार्यकर्ताओं की मांग के अनुसार, ई-केवाईसी प्रक्रिया को और अधिक स्पष्ट और सुलभ बनाया जाना चाहिए ताकि पात्र महिलाओं को बिना किसी बाधा के सहायता मिल सके। संगठनों ने जोर दिया कि प्रशासनिक देरी से महिलाओं के अधिकारों का हनन हो रहा है।
मुंबई में प्रदर्शन के बाद महाराष्ट्र सरकार ने स्थिति में सुधार के लिए कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। सरकार की ओर से यह कहा गया है कि लंबित आवेदनों की समीक्षा की जाएगी और ई-केवाईसी प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।