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मुंबई में 35 हजार रुपये कमाने वाले कर्मचारी को रोज छह घंटे यातायात में लगते हैं

बदलापुर से गोरेगांव तक रोजाना की यात्रा मुंबई के लाखों कामकाजी लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। मेहनत करने वाले कर्मचारी अपनी आजीविका के लिए हर दिन लंबी यात्रा में घंटों गंवाते हैं।

LSN India · 21 August 2026

मुंबई महानगर में आवागमन की समस्या से जूझ रहे लाखों कामकाजी लोगों की कहानी एक बार फिर सामने आई है। बदलापुर से गोरेगांव तक अपने कार्यस्थल पर पहुंचने के लिए एक कर्मचारी को प्रतिदिन छह घंटे की यात्रा करनी पड़ती है। यह कर्मचारी महीने में 35 हजार रुपये की आय अर्जित करता है, जिसका एक बड़ा हिस्सा परिवहन व्यय में खर्च हो जाता है।

मुंबई की जनसंख्या घनत्व और आवास संकट के कारण हजारों श्रमिकों को शहर के दूरदराज इलाकों में रहना पड़ता है। यातायात के सीमित विकल्पों और भीड़-भाड़ की समस्या के चलते रोजमर्रा की यात्रा कर्मचारियों के लिए थकाऊ और महंगी साबित होती है। ऐसी परिस्थितियां न केवल उनकी उत्पादकता को प्रभावित करती हैं बल्कि जीवन की गुणवत्ता में भी गिरावट लाती हैं।

शहर के विस्तार और जनसंख्या वृद्धि के साथ यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने की जरूरत है। महानगर में लाखों कामकाजी लोग इसी तरह की चुनौतियों का सामना करते हैं और अपनी आजीविका के लिए संघर्ष करते हैं। सार्वजनिक परिवहन में सुधार और आवास सुविधाओं के विकास से ही इस समस्या का समाधान संभव हो सकता है।