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SIP बढ़ाने का फैसला आय के आधार पर लें, बाजार गिरावट पर नहीं
म्यूचुअल फंड सलाहकारों का मानना है कि निवेशकों को बाजार की स्थिति की जगह अपनी आय में वृद्धि के आधार पर SIP राशि बढ़ानी चाहिए। सही रणनीति से 15 साल में 94 लाख रुपये का कोष 1.64 करोड़ तक पहुंच सकता है।
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म्यूचुअल फंड वितरकों की ओर से निवेशकों को एक महत्वपूर्ण सलाह दी जा रही है। वे कहते हैं कि व्यवस्थित निवेश योजना (SIP) की राशि में वृद्धि का निर्णय बाजार की गतिविधियों से प्रभावित नहीं होना चाहिए। इसके बजाय, व्यक्तिगत आय में होने वाली वृद्धि को इस निर्णय का आधार बनाया जाना चाहिए।
वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, यह दृष्टिकोण दीर्घकालीन संपत्ति निर्माण के लिए अधिक प्रभावी साबित होता है। जब निवेशकों की आय में बढ़ोतरी होती है, तो SIP में क्रमिक वृद्धि करना एक व्यावहारिक और टिकाऊ रणनीति है। इस तरह का अनुशासित निवेश दृष्टिकोण बाजार के उतार-चढ़ाव से स्वतंत्र रहता है।
आंकड़े इस रणनीति की प्रभावशीलता को प्रदर्शित करते हैं। मान लीजिए कि कोई निवेशक प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत की दर से अपनी SIP राशि में वृद्धि करता है और 12 प्रतिशत का वार्षिक रिटर्न प्राप्त करता है, तो 15 साल की अवधि में 94 लाख रुपये का निवेश 1.64 करोड़ रुपये के कोष में तब्दील हो सकता है।
यह पद्धति खासकर उन निवेशकों के लिए उपयोगी है जो अपनी आय में नियमित वृद्धि की प्रत्याशा रखते हैं। आय में होने वाली बढ़ोतरी को SIP में प्रतिफलित करने से न केवल निवेश की क्षमता बढ़ती है, बल्कि बाजार की अस्थिरता से भी दूरी बनी रहती है। यह संतुलित दृष्टिकोण निवेशकों को भावनात्मक निर्णयों से बचाता है और वित्तीय अनुशासन को मजबूत करता है।