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म्यूचुअल फंड में निवेशक वृद्धि धीमी, इक्विटी लॉन्च में गिरावट
भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग में 2026 के पहले नौ महीनों में निवेशक वृद्धि की गति कमजोर पड़ गई है। इस अवधि में 44 लाख नए निवेशक जुड़े, जो कोविड महामारी के बाद से सबसे धीमी वृद्धि दर है।
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भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग में निवेशक संख्या बढ़ने की गति में स्पष्ट मंदी देखी जा रही है। वर्ष 2026 की पहली तीन तिमाहियों में मात्र 44 लाख नए निवेशकों का संकलन हुआ, जो 2020 की कोविड संकट अवधि के बाद से सबसे कम वृद्धि दर्ज करता है।
इक्विटी बाजार में आई मंदी का सीधा असर म्यूचुअल फंड सेक्टर पर पड़ा है। शेयर बाजार में अस्थिरता और कमजोर प्रदर्शन के कारण नए निवेशकों को आकर्षित करने में चुनौती बढ़ गई है। उद्योग विश्लेषकों के अनुसार, निवेश में आत्मविश्वास की कमी नई योजना लॉन्च में भी प्रतिबिंबित हो रही है।
म्यूचुअल फंड के नए लॉन्च में भी लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। यह प्रवृत्ति दर्शाती है कि बाजार में निवेश की मांग और निवेशकों का विश्वास दोनों ही प्रभावित हुए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक इक्विटी बाजार में स्थिरता नहीं आती, तब तक इस सेक्टर में सुधार की संभावना सीमित रहेगी।
उद्योग विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि बाजार की स्थितियां बेहतर न हुईं तो आने वाले महीनों में यह प्रवृत्ति जारी रह सकती है। हालांकि, दीर्घकालिक दृष्टिकोण से म्यूचुअल फंड सेक्टर में संभावनाएं अभी भी बरकरार हैं।