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नवरात्रि पर यादवीर राजसिंहासन पर बैठे, मैसूर की शाही परंपरा जीवंत

मैसूर के राजवंश ने नवरात्रि महोत्सव की शुरुआत में राजकीय दरबार का आयोजन किया। यादवीर सिंह ने सोने के सिंहासन पर आसीन होकर राजस्थान की ऐतिहासिक परंपरा को पुनर्जीवित किया।

LSN India · 11 October 2026

नवरात्रि पर यादवीर राजसिंहासन पर बैठे, मैसूर की शाही परंपरा जीवंत

मैसूर में नवरात्रि के पावन पर्व की शुरुआत हुई जब राजवंश के वर्तमान प्रतिनिधि यादवीर सिंह ने 'खास दरबार' समारोह में भाग लिया। इस भव्य अनुष्ठान के माध्यम से मैसूर की राजशाही विरासत को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया गया। सोने से निर्मित पारंपरिक सिंहासन पर विराजमान होकर यादवीर सिंह ने पूर्वजों की परंपरा का सम्मान किया।

यह दरबार समारोह मैसूर की समृद्ध राजकीय परंपरा का प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में नगर की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को प्रदर्शित किया जाता है। राजपरिवार द्वारा आयोजित ये समारोह मैसूर की ऐतिहासिक पहचान को बनाए रखने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

दक्षिण भारत में मैसूर दशहरे की परंपरा अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध है। यह समारोह राज्य की सांस्कृतिक गौरव को प्रतिबिंबित करता है और देश के विभिन्न हिस्सों से पर्यटकों और श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। राजपरिवार की सक्रिय भागीदारी इस परंपरा को आधुनिक समय में प्रासंगिक बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।