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नागपुर के कार्यकर्ता ने अधिकारी को 'सार्वजनिक सेवक' की जिम्मेदारी याद दिलाई
नागपुर के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के ठेकेदार के तहत काम करने वाले मजदूरों के न्यूनतम वेतन से कम भुगतान का आरोप लगाया है। विरोध प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
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नागपुर में एक सामाजिक कार्यकर्ता ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के ठेकेदार द्वारा मजदूरों के साथ किए जा रहे भेदभाव को लेकर अधिकारियों को कड़ी आलोचना की है। यश गौरखेड़े के अनुसार, निर्माण कार्यों में नियोजित 17 मजदूरों को निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से कम वेतन दिया जा रहा था।
कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि न्यूनतम वेतन की मांग करने के बाद इन 17 श्रमिकों को काम से निकाल दिया गया। गौरखेड़े ने इस मामले को लेकर विभाग के अधिकारियों के सामने मजदूरों के अधिकारों और सार्वजनिक सेवकों की जिम्मेदारियों को रखा।
एक वीडियो में कार्यकर्ता को अधिकारी को कानूनी प्रावधानों और सामाजिक दायित्वों के बारे में समझाते हुए देखा जा सकता है। यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहा है।
श्रमिकों के अधिकारों के प्रति बढ़ती जागरूकता के बीच यह घटना एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाती है कि सरकारी ठेकेदारों द्वारा न्यूनतम मजदूरी कानूनों का पालन कितनी गंभीरता से किया जा रहा है। विभाग से इस मामले की जांच की अपेक्षा है।n