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वायुमंडलीय खिंचाव ट्रैकिंग तकनीक के लिए नासा 50 करोड़ रुपये का पुरस्कार

अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने उपग्रहों की कक्षा में परिवर्तन को समझने के लिए नई तकनीकें विकसित करने का आह्वान किया है। इस प्रतियोगिता में विजेता को 50 करोड़ रुपये तक का पुरस्कार और मुफ्त परीक्षण उड़ान का मौका मिलेगा।

LSN India · 20 August 2026

वायुमंडलीय खिंचाव ट्रैकिंग तकनीक के लिए नासा 50 करोड़ रुपये का पुरस्कार

नासा ने ऊपरी वायुमंडलीय परिस्थितियों की बेहतर समझ के लिए एक नई चुनौती का शुभारंभ किया है। इसका नाम 'ऑर्बिटल क्लेरिटी चैलेंज' है, जिसके माध्यम से वायुमंडलीय खिंचाव के कारण उपग्रहों की कक्षा में आने वाले परिवर्तनों की भविष्यवाणी में सुधार लाया जाएगा।

इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए नासा ने सभी को अपने नवाचारी विचार प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया है। प्रतियोगिता के विजेताओं को 50 करोड़ रुपये तक की राशि से पुरस्कृत किया जाएगा। यह पहल सस्ती और प्रभावी तकनीकी समाधान खोजने पर केंद्रित है।

नासा का यह कदम अंतरिक्ष में उपग्रहों की गतिविधियों को बेहतर तरीके से ट्रैक करने में मदद करेगा। वायुमंडलीय खिंचाव उपग्रहों की कक्षा को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण कारक है। इसकी सटीक भविष्यवाणी अंतरिक्ष मिशनों की सफलता के लिए अत्यंत जरूरी है।

विजेता प्रतियोगियों को अपनी तकनीकों का परीक्षण करने के लिए एक मुफ्त परीक्षण उड़ान प्रदान की जाएगी। यह सुविधा उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में अपने समाधानों को प्रमाणित करने का अवसर देगी। इस प्रकार, यह पहल न केवल नासा के लिए बल्कि पूरे अंतरिक्ष अनुसंधान क्षेत्र के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।