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1962 में नासा ने पृथ्वी से 65 मील ऊपर 22,900 गैलन जल विस्फोट किया
दशकों पहले नासा ने अंतरिक्ष यात्रियों के लिए जीवन समर्थन प्रणाली पर अनुसंधान शुरू किया था। ये प्रारंभिक अध्ययन भविष्य के चंद्रमा और मंगल मिशनों के लिए आधार तैयार करते थे।
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अंतरिक्ष अन्वेषण के शुरुआती दशकों में नासा ने दीर्घकालीन अंतरिक्ष यात्रा के लिए जैविक जीवन-समर्थन प्रणालियों का अध्ययन किया। वैज्ञानिकों ने संसाधनों के पुनर्चक्रण और अंतरिक्ष यात्रियों को टिकाऊ तरीके से पोषण देने के लिए जीवित जीवों के उपयोग की संभावनाओं की जांच की। ये प्रायोगिक अध्ययन भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करते थे।
इन शोध कार्यों में नासा ने पाया कि पौधे और सूक्ष्मजीव अंतरिक्ष यान में मानव अपशिष्ट को संसाधित कर सकते हैं। ये जीव आवश्यक संसाधन भी प्रदान कर सकते हैं जो अंतरिक्ष यात्रियों के जीवन के लिए अत्यावश्यक होते हैं। यह दृष्टिकोण दीर्घावधि अंतरिक्ष मिशनों में जीवन रक्षक साबित हो सकता था।
ये प्रारंभिक कार्य आज के चंद्रमा और मंगल अन्वेषण कार्यक्रमों के लिए नींव रखते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि पृथ्वी के बाहर स्थायी जीवन व्यवस्था स्थापित करना एक बड़ी वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग चुनौती बनी हुई है। भविष्य के अंतरिक्ष वासों के लिए ऐसी आत्मनिर्भर प्रणालियां विकसित करना आवश्यक होगा।