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नाजियों द्वारा लूटी गई कांदिंस्की की पेंटिंग नीलामी में 42 मिलियन डॉलर में बिकी
रूसी चित्रकार वसीली कांदिंस्की की प्रसिद्ध कृति 'दास बुंते लेबेन' का चित्र दशकों के विवाद के बाद यहूदी मालिकों के उत्तराधिकारियों को सौंपा गया। यह कलाकृति अब अंतर्राष्ट्रीय नीलामी में 31.56 मिलियन पाउंड में विक्रय हुई।
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वसीली कांदिंस्की की प्रसिद्ध अमूर्त कलाकृति 'दास बुंते लेबेन' को हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय नीलामी में 31.56 मिलियन पाउंड की कीमत पर बेचा गया। यह नीलाम यूरोपीय कला बाजार में एक महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है।
यह पेंटिंग मूलतः 1907 में कांदिंस्की द्वारा बनाई गई थी और विभिन्न प्रतिष्ठित प्रदर्शनियों में प्रदर्शित हुई थी। नाजी शासन के दौरान इस कृति को लूट लिया गया था, जिसके बाद इसका मालिकाना हक कई बार बदलता रहा। दशकों तक एक जर्मन बैंक के पास रही इस कलाकृति का वास्तविक स्वामित्व विवाद का विषय बना रहा।
लंबी कानूनी कार्यवाही के बाद अंततः यह पेंटिंग इसके मूल यहूदी मालिकों के वारिसों को सौंपी गई। इसके बाद इसे नीलामी के लिए बाजार में लाया गया, जहां इसे विश्वव्यापी कला संग्राहकों की ओर से व्यापक रुचि मिली।
यह नीलाम नाजियों द्वारा लूटी गई कला कृतियों के संरक्षण और उनके वास्तविक मालिकों को लौटाने के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाजियों द्वारा लूटी गई हजारों कलाकृतियों की खोज और उन्हें उनके सही मालिकों तक पहुंचाने का कार्य अभी भी जारी है।