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ब्याज दरों में बढ़ोतरी का असर पहले ही कीमतों में दिख रहा है: जेफरीज
निवेश बैंक जेफरीज का मानना है कि आवास वित्त कंपनियां जिनके पास अधिकतर चर दर वाली संपत्तियां और स्थिर दर वाली देनदारियां हैं, आने वाले समय में लाभान्वित होंगी।
LSN India ·
भारतीय वित्तीय बाजारों में ब्याज दरों में वृद्धि का प्रभाव अब तक शेयर बाजार में काफी हद तक परिलक्षित हो चुका है। बड़े निवेश बैंक जेफरीज की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, आवास वित्त क्षेत्र में कुछ कंपनियां इस परिस्थिति से लाभान्वित होने की स्थिति में हैं।
जेफरीज का विश्लेषण दर्शाता है कि जिन आवास वित्त कंपनियों के पास अधिकांश परिसंपत्तियां चर ब्याज दर पर हैं और देनदारियां मुख्यतः स्थिर दर पर हैं, उन्हें दर-बढ़ोतरी के चक्र से संभावित लाभ मिल सकता है। इस श्रेणी में एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस और भारत होम फाइनेंस जैसी कंपनियां शामिल हैं।
एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस की 46 प्रतिशत देनदारियां स्थिर दर पर हैं, जबकि भारत होम फाइनेंस की यह संख्या 35 प्रतिशत है। यह संरचना इन कंपनियों को ब्याज दर वातावरण में बेहतर मार्जिन संरक्षण प्रदान करती है। जेफरीज के विश्लेषकों का सुझाव है कि बाजार पहले से ही दर-संबंधी जोखिमों को बड़े हिस्से में अपनी कीमत निर्धारण में शामिल कर चुका है।
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले महीनों में इन संरचनात्मक लाभों वाली कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर हो सकता है, क्योंकि चर-दर परिसंपत्तियां बढ़ी हुई दरों से अतिरिक्त आय उत्पन्न करेंगी जबकि स्थिर देनदारियां आर्थिक दबाव से सुरक्षित रहेंगी।