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कपास व्यापार को मजबूत करने के लिए एनसीडीईएक्स और भारतीय कपास संघ का समझौता
भारतीय राष्ट्रीय कमोडिटी और डेरिवेटिव्स एक्सचेंज तथा कपास संघ ने कपास डेरिवेटिव्स को बढ़ावा देने के लिए समझौता किया है। इस साझेदारी से किसानों, जिनिंग मिलों, स्पिनरों और निर्यातकों में मूल्य खोज और हेजिंग जागरूकता बढ़ेगी।
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राष्ट्रीय कमोडिटी और डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (एनसीडीईएक्स) और भारतीय कपास संघ (सीएआई) ने कपास क्षेत्र में डेरिवेटिव्स का विस्तार करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी भारत के कपास उद्योग में बेहतर मूल्य निर्धारण तंत्र स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस समझौते के तहत दोनों संस्थान कपास डेरिवेटिव्स के प्रचार और विकास पर संयुक्त रूप से काम करेंगे। इसका उद्देश्य कपास आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े सभी हितधारकों को बेहतर मूल्य खोज सुविधाएं प्रदान करना है। इसमें किसान, कपास जिनिंग यूनिटें, कताई मिलें, निर्यातक और व्यापारी सभी शामिल हैं।
समझौते के अनुसार, एनसीडीईएक्सल और कपास संघ कपास बाजार में हेजिंग के लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण और शिक्षा कार्यक्रम संचालित करेंगे। यह पहल कपास किसानों को बाजार में मूल्य जोखिम से सुरक्षा प्रदान करने में सहायक होगी।
भारत विश्व के सबसे बड़े कपास उत्पादकों में से एक है। बेहतर डेरिवेटिव्स बाजार देश के कपास क्षेत्र को अधिक स्थिर और लाभदायक बनाने में मदद कर सकता है। यह समझौता कपास कृषि में आधुनिक वित्तीय उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा देगा।