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भूषण पावर मामले में NCLT ने SFIO की ₹5,431 करोड़ की वसूली याचिका को मंजूरी दी

राष्ट्रीय कंपनी कानून अधिकरण ने पूर्व प्रमोटरों की आपत्तियों को खारिज किया और माना कि दिवाला समाधान प्रक्रिया वसूली कार्यवाही को रोक नहीं सकती। न्यायाधिकरण ने प्रत्येक प्रतिवादी की भूमिका को स्पष्ट करने के लिए SFIO को निर्देशित किया है।

LSN India · 1 November 2026

भूषण पावर मामले में NCLT ने SFIO की ₹5,431 करोड़ की वसूली याचिका को मंजूरी दी

भूषण पावर एंड स्टील लिमिटेड के धोखाधड़ी मामले में राष्ट्रीय कंपनी कानून अधिकरण (NCLT) ने गहन जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (SFIO) की ₹5,431 करोड़ की वसूली याचिका को मंजूरी प्रदान की है। अधिकरण ने कंपनी के पूर्व प्रमोटरों द्वारा उठाई गई सभी आपत्तियों को खारिज करते हुए यह निर्णय सुनाया है।

NCLT का निर्णय इस महत्वपूर्ण सिद्धांत को स्थापित करता है कि किसी कंपनी की दिवाला समाधान प्रक्रिया चल रही हो, तब भी SFIO जैसी जांच एजेंसियां धोखाधड़ी या अपराधिक मामलों में वसूली कार्यवाही जारी रख सकती हैं। यह निर्णय दिवाला और दिवालियापन संबंधी कानूनों तथा आपराधिक जांच के बीच संबंध को स्पष्ट करता है।

अधिकरण ने SFIO को प्रत्येक प्रतिवादी की भूमिका और जिम्मेदारी का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इससे आगामी चरणों में जांच को अधिक सुव्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा सकेगा।

भूषण पावर मामला भारत के कॉर्पोरेट जगत के सबसे बड़े धोखाधड़ी मामलों में से एक माना जाता है। इस फैसले से आर्थिक अपराधों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई को कानूनी सुरक्षा मिलती है और कॉर्पोरेट जवाबदेही को मजबूत करने का संदेश जाता है।