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सुभाष चंद्रा मामले में NCLT का पांच सदस्यीय पीठ फैसला सुनाएगा
व्यक्तिगत दिवालियापन के मामले में दो सदस्यीय पीठ बहुमत तक नहीं पहुंच सकी। 22,000 करोड़ रुपये से अधिक के दावों वाले इस मामले में अब पांच सदस्यीय पीठ फैसला करेगी।
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राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) ने मीडिया टाइकून सुभाष चंद्रा के व्यक्तिगत दिवालियापन मामले में अपना पहला पांच सदस्यीय पीठ गठित किया है। इस कदम के पीछे कारण यह है कि दो सदस्यीय खंड पीठ इस जटिल मामले में बहुमत तक नहीं पहुंच सकी थी।
सुभाष चंद्रा से संबंधित इस मामले में 22,000 करोड़ रुपये से अधिक का दावा किया गया है। मामले में अलग-अलग लेनदारों की ओर से विभिन्न आपत्तियां उठाई गई थीं। ये दावे मुख्य रूप से कर्जदारों की ओर से आए थे जिन्होंने अलग-अलग अवधियों में चंद्रा को कर्ज दिया था।
पांच सदस्यीय पीठ का गठन NCLT के संविधान में एक दुर्लभ कदम है और यह इस मामले की जटिलता को दर्शाता है। पीठ अब सुभाष चंद्रा की पुनर्भुगतान योजना पर विस्तृत विचार करेगी और सभी पक्षों की दलीलों को सुनेगी।
इस मामले का निर्णय न केवल सुभाष चंद्रा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि भारतीय दिवालियापन कानून के व्यक्तिगत आवेदन के मामलों के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल स्थापित करेगा। अधिकारियों का मानना है कि नई पीठ इस जटिल विवाद का एक न्यायसंगत समाधान प्रदान करेगी।