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सुभाष चंद्र के 22 हजार करोड़ कर्ज माफी पर न्यायाधिकरण की रुकावट

सुभाष चंद्र के ऋण राहत मामले में न्यायाधिकरण के सदस्यों के बीच मतभेद सामने आया है। एनसीएलटी के अध्यक्ष को अब अंतिम फैसला लेने के लिए भेजा गया है।

LSN India · 31 August 2026

सुभाष चंद्र को करीब 22 हजार करोड़ रुपये के कर्ज में राहत देने का मामला राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (एनसीएलटी) में पेंच में फंस गया है। अधिकरण के सदस्यों के बीच अलग-अलग विचार होने से निर्णय तक पहुंचना मुश्किल हो गया है।

इस विवाद के समाधान के लिए मामले को एनसीएलटी के अध्यक्ष को भेज दिया गया है। अध्यक्ष के पास दो विकल्प हैं - वह एक तीसरे सदस्य को नियुक्त कर सकते हैं ताकि बहुमत का फैसला निकल आए, या स्वयं अपना आदेश जारी कर सकते हैं।

यह मामला बिजनेस हाउस के बड़े कर्ज समाधान का हिस्सा है। ऋण राहत की योजना कंपनी के पुनर्गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। अधिकरण के सदस्यों के विभिन्न मत इस प्रक्रिया को जटिल बना गए हैं।

एनसीएलटी के अध्यक्ष का निर्णय अब इस मामले का भाग्य तय करेगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि अध्यक्ष का फैसला कर्ज मार्जन से जुड़े अन्य समान मामलों के लिए भी महत्वपूर्ण होगा।