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NCLT ने EY की 1 प्रतिशत सफलता शुल्क पर सवाल उठाया, Mobase के खिलाफ दिवाला याचिका खारिज की
राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण ने EY की शुल्क व्यवस्था की जांच की आवश्यकता पर बल दिया है। न्यायाधिकरण ने स्पष्ट किया है कि इसने व्यावसायिक कदाचार का कोई निष्कर्ष नहीं निकाला है।
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राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) ने Mobase के विरुद्ध दायर दिवाला याचिका को खारिज कर दिया है, साथ ही परामर्श फर्म EY द्वारा निर्धारित 1 प्रतिशत सफलता शुल्क की व्यवस्था पर महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं। न्यायाधिकरण ने अपने फैसले में कहा है कि इस तरह की शुल्क व्यवस्था की वैधता और लागू करने योग्यता की जांच धारा 9 की कार्यवाही के दायरे से परे है।
न्यायाधिकरण के अनुसार, EY की फीस संरचना से संबंधित मुद्दे को अलग से और अधिक व्यापक परीक्षा की आवश्यकता है। न्यायाधिकरण ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान निर्णय में उसने EY के विरुद्ध किसी भी प्रकार के व्यावसायिक कदाचार का कोई निष्कर्ष नहीं निकाला है।
यह निर्णय दिवाला और शोधन अक्षमता कानून, 2016 के तहत दायर याचिका से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर महत्वपूर्ण कानूनी मुद्दों को उजागर करता है। न्यायाधिकरण के दृष्टिकोण से, फीस व्यवस्था की कानूनी वैधता की पूरी जांच अलग से की जानी चाहिए।
यह मामला परामर्श सेवाओं की फीस संरचना और कॉर्पोरेट दिवाला कार्यवाही में उनकी स्वीकार्यता से संबंधित महत्वपूर्ण सवालों को केंद्र में लाता है। न्यायाधिकरण का यह दृष्टिकोण भविष्य में ऐसी व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए एक मिसाल स्थापित कर सकता है।