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महिलाओं की बिक्री वाली शादियों पर जांच के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग ने गठित किया पैनल
राष्ट्रीय महिला आयोग ने हरियाणा के नूंह जिले में प्रचलित 'पारो' और 'मोलकी' विवाह प्रथा की जांच के लिए एक पांच सदस्यीय दल का गठन किया है। दो सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारियों सहित यह समिति दस दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
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राष्ट्रीय महिला आयोग ने मेवात क्षेत्र में महिलाओं की बिक्री संबंधी विवाह प्रथाओं की गहन जांच के लिए एक तथ्य-खोज समिति का गठन किया है। यह पैनल विशेष रूप से हरियाणा के नूंह जिले में प्रचलित 'पारो' और 'मोलकी' विवाह परंपराओं की पड़ताल करेगा, जहां परिवार अपनी बेटियों को आर्थिक लाभ के लिए बेच देते हैं।
पांच सदस्यीय इस दल में दो सेवानिवृत्त भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी भी शामिल हैं। समिति को मेवात क्षेत्र में इस हानिकारक प्रथा की व्यापकता, पीड़ित महिलाओं की संख्या और इससे जुड़े सामाजिक-आर्थिक कारकों का विश्लेषण करना है।
इस क्षेत्र में 'पारो' विवाह प्रणाली के अंतर्गत दूल्हे के परिवार को दहेज की बजाय भारी रकम का भुगतान किया जाता है, जिसे विवाह की कीमत माना जाता है। इसी प्रकार 'मोलकी' परंपरा में भी महिलाओं को वस्तु की तरह खरीद-बिक्री किया जाता है।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने समिति को दस दिनों की समयावधि दी है, जिसमें उसे इस प्रथा की गहराई से जांच करनी और सुधारात्मक उपायों की सिफारिश करनी है। प्रतिवेदन प्राप्त होने के पश्चात आयोग इस मुद्दे को संबंधित राज्य प्रशासन के साथ उठाएगा।