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एनडीबी महाराजा बांड पर टीडीएस छूट, निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है
नई विकास बैंक ने रुपये-मूल्यवर्ग के बांड जारी करने की योजना बनाई है जो टीडीएस से मुक्त होंगे। बैंक आने वाले पांच वर्षों में भारत में टिकाऊ और हरित परियोजनाओं के लिए 25,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रख रहा है।
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नई विकास बैंक (एनडीबी) महाराजा बांड के माध्यम से भारत में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने की तैयारी कर रहा है। इन बांडों पर मिलने वाली ब्याज आय पर टीडीएस की छूट निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण लाभ साबित होगी। यह कदम टिकाऊ विकास और पर्यावरण-अनुकूल परियोजनाओं को वित्त पोषण देने के लिए उठाया गया है।
एनडीबी अगले पांच वर्षों में 25,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रहा है। ये धनराशि भारत में नवीकरणीय ऊर्जा, बुनियादी ढांचा और अन्य हरित परियोजनाओं में लगेगी। टीडीएस छूट से बांडधारकों को ब्याज आय पर पूरी राशि हाथ में आएगी, जिससे निवेश आकर्षक बन जाएगा।
निवेशकों के लिए यह टीडीएस छूट महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उनकी प्रभावी आय को बढ़ाता है। आमतौर पर बांड से मिलने वाली ब्याज आय पर 10 से 20 प्रतिशत तक टीडीएस काटा जाता है। महाराजा बांडों में यह सुविधा नहीं होगी, जिससे कम जोखिम वाले निवेश विकल्प में रिटर्न बेहतर हो जाएगा।
यह पहल भारत की टिकाऊ विकास लक्ष्यों को पूरा करने में सहायक होगी। साथ ही, यह निवेशकों को सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के साथ निवेश का अवसर देता है। एनडीबी का यह बांड योजना प्रभावी तरीके से हरित अर्थव्यवस्था की ओर भारत की यात्रा को मजबूत करेगी।