World · India Bureau
नेपाल में बाढ़ का संकट: हिमालय में अबाध विकास पर भूवैज्ञानिकों की चेतावनी
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज के प्रोफेसर का मानना है कि हिमालयी क्षेत्र में आपातकालीन बाढ़ की घटनाएं पर्यावरण के प्रति लापरवाह विकास परियोजनाओं का परिणाम हैं। अस्थिर ढलानें और नदियों की कम क्षमता इन आपदाओं को और गंभीर बनाती है।
LSN India ·

नेपाल में हाल की बाढ़ की घटनाएं हिमालयी क्षेत्र में अनियोजित बुनियादी ढांचे के विकास पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। बेंगलुरु के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्यरत भूवैज्ञानिकों का कहना है कि इस क्षेत्र में आने वाली आपदाएं पर्यावरणीय परिणामों की अनदेखी करके चलाई गई विकास परियोजनाओं का सीधा परिणाम हैं।
हिमालयी क्षेत्र की भौगोलिक संरचना पहले से ही अत्यंत संवेदनशील है। यहां की ढलानें स्वाभाविक रूप से अस्थिर होती हैं और नदियों की जल-ग्रहण क्षमता सीमित है। ऐसी परिस्थितियों में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य इन समस्याओं को और जटिल बना देते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, विभिन्न विकास परियोजनाओं से नदियों की प्राकृतिक प्रवाह क्षमता में गिरावट आई है। इससे बाढ़ की परिस्थितियों में जल निकासी में बाधा उत्पन्न होती है और आपदा का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।
भूवैज्ञानिकों की चेतावनी है कि यदि हिमालयी क्षेत्र में विकास परियोजनाओं को पर्यावरणीय प्रभावों पर ध्यान दिए बिना जारी रखा गया तो भविष्य में इस तरह की आपदाएं और अधिक गंभीर होती जाएंगी। इसलिए भौगोलिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए विकास की रणनीति तैयार करना आवश्यक है।