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नेपाल में आपदा राहत के लिए निजी और सार्वजनिक क्षेत्र लाखों का योगदान
हिमालयी राष्ट्र नेपाल अपनी सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक से जूझ रहा है जिसमें 600 से अधिक लोगों की मौत हुई है। निजी कंपनियां, बैंक और व्यक्तिगत दानकर्ता राहत कोष में करोड़ों रुपये का योगदान दे रहे हैं।
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नेपाल के सार्वजनिक क्षेत्र, निजी कंपनियों और व्यक्तिगत दानकर्ताओं ने आपदा राहत कोष के लिए लाखों रुपये का योगदान देने की प्रतिबद्धता जताई है। बुधवार को आई भीषण बाढ़ ने देशभर के कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया है।
इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 600 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। शनिवार तक मृतकों की संख्या 600 पार कर गई है जबकि 2,400 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों से लगभग 2,500 लोगों को, जिनमें 163 विदेशी नागरिक शामिल हैं, निकाला जा चुका है। तकनीकी सहायता टीमें बारिश के बीच समय से पहले बचाव कार्य में जुटी हैं।
भीषण बाढ़ में घर, वाहन, सड़कें और पुलों को भारी नुकसान हुआ है। जलविद्युत परियोजनाएं भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। नेपाल की निजी कंपनियां, बैंक, बीमा संस्थाएं और व्यक्तिगत दानकर्ता आपदा राहत कोष में योगदान देने का फैसला किया है।
प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में किए जाने वाले योगदान से घायलों के उपचार और विस्थापित परिवारों को भोजन तथा आश्रय प्रदान करने में मदद मिलेगी। राहत और पुनर्वास कार्य को गति देने के लिए सरकार और गैर-सरकारी संगठन मिलकर काम कर रहे हैं।