World · India Bureau
भारत के खाद्य चेतावनी लेबल नियमों में निर्माताओं की भूमिका चाहते हैं नेस्ले
खाद्य दिग्गज नेस्ले ने उच्च शर्करा, नमक और वसा वाले उत्पादों के लिए चेतावनी लेबल का समर्थन किया है, लेकिन कहा है कि नियम तैयार करने की प्रक्रिया में निर्माताओं की आवाज भी सुनी जानी चाहिए।
LSN India ·
भारत में खाद्य सुरक्षा नियमों को लेकर चल रही बहस में नेस्ले ने एक महत्वपूर्ण रुख अपनाया है। कंपनी ने कहा है कि वह उन उत्पादों पर चेतावनी लेबल लगाने के पक्ष में है जिनमें चीनी, नमक और वसा की मात्रा अधिक है। हालांकि, कंपनी का मानना है कि ऐसे नियमों को बनाते समय उद्योग के निर्माताओं की राय भी ली जानी चाहिए।
खाद्य उद्योग में पारदर्शिता और उपभोक्ता स्वास्थ्य की बढ़ती मांग के बीच सरकार इस विषय पर विचार कर रही है। चेतावनी लेबल का उद्देश्य उपभोक्ताओं को स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों के बारे में सतर्क करना है, खासकर बीमारियों जैसे मधुमेह और हृदय रोग की रोकथाम के लिए।
नेस्ले का यह रुख खाद्य सुरक्षा में अनुपालन और कारोबारी सुविधा के बीच संतुलन बनाने की कोशिश दर्शाता है। कंपनी का तर्क है कि यदि निर्माताओं को नियम निर्माण प्रक्रिया में शामिल किया जाए तो उन्हें लागू करना आसान हो सकता है और उद्योग भी इसके लिए बेहतर तैयारी कर सकता है।
यह मसला भारतीय खाद्य नियामकों और उद्योग के बीच एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है। सरकार ने अभी तक इस बारे में कोई अंतिम नीति घोषित नहीं की है, लेकिन विभिन्न हितधारकों की राय लेने की प्रक्रिया जारी है।