Politics · India Bureau
इज़रायल में नेतन्याहू की सत्ता बनी रह सकती है विरोध के बावजूद
इज़रायली संसद में नेतन्याहू के दक्षिणपंथी और अति-रूढ़िवादी गठबंधन को 120 सीटों में से 53 सीटें मिली हैं। हालांकि विपक्ष के पास अधिक संख्या है, लेकिन राजनीतिक समीकरण जटिल है।
LSN India ·
इज़रायल की राजनीति में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की स्थिति मजबूत दिख रही है, भले ही विरोधी दल संसद में बहुसंख्यक दिखते हैं। चुनावों के बाद गठित 120 सदस्यीय कनेसेट में नेतन्याहू के गठबंधन को 53 सीटें मिली हैं जबकि विपक्षी दलों के पास 67 सीटें हैं।
हालांकि, विपक्षी गठबंधन की संख्यात्मक श्रेष्ठता केवल कागज़ पर है। इसका कारण यह है कि इन 67 सीटों में से 19 अरब-बहुल राजनीतिक दलों की हैं। सरकार बनाने के लिए इन दलों का समर्थन हासिल करना राजनीतिक रूप से जटिल माना जाता है, जिससे नेतन्याहू की स्थिति अपेक्षाकृत सुरक्षित रहती है।
इज़रायली राजनीति में यह स्थिति नई नहीं है। अतीत में भी विभिन्न दलों के बीच राजनीतिक समीकरण संसद में संख्यात्मक शक्ति के सरल गणित से अलग साबित हुए हैं। सरकार निर्माण के लिए आवश्यक है कि विभिन्न पार्टियां एक समन्वित रणनीति के तहत एकजुट हों।
नेतन्याहू के गठबंधन की ताकत उसकी आंतरिक एकता में निहित है। दक्षिणपंथी और धार्मिक पार्टियों का यह समूह साझा राजनीतिक एजेंडा साझा करता है, जो उसे राजनीतिक स्थिरता प्रदान करता है।