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कृत्रिम बुद्धिमत्ता से सीखा नकली शराब बनाना, 13 मौतों का खुलासा
मध्य प्रदेश के देवास जिले में नकली शराब से हुई 13 संदिग्ध मौतों की जांच में पुलिस ने एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है। मुख्य आरोपी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करके नकली शराब निर्माण की तकनीक सीखी और इसे व्यवस्थित रूप से वितरित किया।
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मध्य प्रदेश के देवास जिले में चंदाना और बिंजाना गांवों में हुई 13 संदिग्ध मौतों के मामले में पुलिस को नकली शराब के एक विस्तृत नेटवर्क का पता चला है। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है कि इस अवैध कारोबार को संचालित करने वाले मुख्य आरोपी अजय राठौर ने आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग करते हुए नकली शराब बनाने की विधि सीखी थी।
जांच के अनुसार, राठौर ने विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों से शराब निर्माण की प्रक्रिया सीखी और फिर इंदौर के दवा बाजार से आवश्यक रासायनिक पदार्थ खरीदे। इन केमिकल्स का उपयोग करके वह पुरानी बोतलों में नकली शराब तैयार करते थे और स्थानीय बाजारों में इसे वितरित करते थे।
पुलिस का मानना है कि इसी नकली शराब के सेवन से चंदाना और बिंजाना गांवों में गत महीनों में कई लोगों की मौत हुई है। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी एक संगठित तरीके से इस कारोबार को चलाए जा रहा था और कई अन्य लोग इस नेटवर्क का हिस्सा थे। वर्तमान में पुलिस राठौर और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार करने के लिए कार्रवाई कर रही है।
जनस्वास्थ्य विभाग ने भी प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई है और नागरिकों को किसी भी अज्ञात स्रोत से शराब खरीदने से बचने की चेतावनी दी है। इस मामले में पुलिस पूरे आपूर्ति नेटवर्क को समझने के लिए और जांच जारी रखे हुए है।