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CAFE-3 नियम पिछड़े हुए हैं: अमिताभ कांत की आलोचना
नीति आयोग के पूर्व मुख्य कार्यकारी अमिताभ कांत ने नए CAFE-3 नियमों को विकास का विशाल अवसर खोना बताया है। 2027 से लागू होने वाले इन नियमों में ईवी सुपर क्रेडिट की व्यवस्था की गई है।
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भारतीय ऑटोमोटिव क्षेत्र के विकास पर सवाल उठाते हुए अमिताभ कांत ने कहा है कि नए CAFE-3 (कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल इकोनॉमी) नियम अपेक्षाओं से कम महत्वाकांक्षी हैं। उन्होंने इन मानदंडों को ईंधन दक्षता और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए एक पिछड़ा हुआ दृष्टिकोण बताया। कांत के अनुसार, सरकार के इस निर्णय से देश के इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में एक बड़े विकास का अवसर हाथ से निकल गया है।
2027 से लागू होने वाले CAFE-3 नियमों में निर्माताओं के लिए ईवी सुपर क्रेडिट की व्यवस्था की गई है। ये क्रेडिट ऑटोमोटिव कंपनियों को अपने ईंधन दक्षता लक्ष्य पूरा करने में मदद देंगे। हालांकि, कांत का मानना है कि ये प्रावधान भारत को वैश्विक इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में एक मजबूत खिलाड़ी बनाने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
नीति आयोग के पूर्व नेतृत्व की ओर से यह आलोचना ऑटोमोटिव उद्योग की नीति संबंधी चिंताओं को रेखांकित करती है। भारत के ऑटोमोटिव क्षेत्र में हरित ऊर्जा की ओर संक्रमण को लेकर विशेषज्ञों में असहमति बनी हुई है। कांत जैसे नीति निर्माताओं का तर्क है कि अधिक सख्त नियमों से इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग में तेजी से निवेश और विकास हो सकता था।