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नए वायु सेनाध्यक्ष के लिए एलसीए और एमआरएफए प्रमुख चुनौतियां

एयर मार्शल अशुतोष दिक्षित की नियुक्ति एक महत्वपूर्ण समय में हुई है जब भारतीय वायु सेना लड़ाकू विमानों की कमी से जूझ रही है। नई नेतृत्व से देशीय विमान परियोजनाओं को तेजी देने की उम्मीद है।

LSN India · 8 October 2026

नए वायु सेनाध्यक्ष के लिए एलसीए और एमआरएफए प्रमुख चुनौतियां

भारतीय वायु सेना के नए प्रमुख एयर मार्शल अशुतोष दिक्षित के समक्ष सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक लड़ाकू विमानों की कमी है। सेना की परिचालन क्षमता को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) मार्क-1ए और मार्क-2 के विकास को नई गति देना नई नेतृत्व की प्राथमिकता माना जा रहा है। ये स्वदेशी परियोजनाएं भारतीय वायु सेना की आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। साथ ही, बहु-भूमिका लड़ाकू विमान (एमआरएफए) की खरीद परियोजना भी तेजी से आगे बढ़ने के संकेत हैं।

वायु सेना में विमानों की संख्या मानकों से कम रहने के कारण एयर मार्शल दिक्षित के लिए इन परियोजनाओं को प्राथमिकता देना अनिवार्य हो गया है। देश की सीमा सुरक्षा और वायु शक्ति को मजबूत करने के लिए स्वदेशी और अंतरराष्ट्रीय दोनों विकल्पों को तेजी से आगे बढ़ाने की जरूरत है।

नई नेतृत्व से वायु सेना के आधुनिकीकरण और इन प्रमुख परियोजनाओं की प्रभावी कार्यान्वयन की उम्मीद है। वायु सेना की ताकत बढ़ाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण दौर माना जा रहा है।