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यूपीआई पर नए शुल्क: सरकार का अलग-अलग दर मॉडल, जानें किसे क्या देना होगा

भारत सरकार ने दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर अलग-अलग एमडीआर दरें लागू की हैं। कुछ विशेष भुगतान पर फ्लैट रेट मॉडल के तहत निश्चित शुल्क वसूला जाएगा।

LSN India · 18 September 2026

यूपीआई पर नए शुल्क: सरकार का अलग-अलग दर मॉडल, जानें किसे क्या देना होगा

भारतीय डिजिटल भुगतान क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है। सरकार ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को लेकर नई नीति घोषित की है जो दो हजार रुपये से अधिक के लेनदेन पर लागू होगी।

नई नीति के अंतर्गत सभी यूपीआई लेनदेन पर एक समान शुल्क नहीं रखा गया है। बल्कि, विभिन्न प्रकार के भुगतान के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं। कुछ खास कैटेगरी के लेनदेन पर फ्लैट रेट मॉडल लागू किया गया है, जहां एक निर्धारित दर पर शुल्क लिया जाएगा।

इस बदलाव का उद्देश्य डिजिटल भुगतान को नियंत्रित करते हुए विभिन्न हितधारकों के बीच संतुलन बनाना है। बैंकों, पेमेंट गेटवे ऑपरेटरों और व्यापारियों को इन नई दरों के अनुसार अपने संचालन को समायोजित करना होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति यूपीआई के विस्तार और समावेशी डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हालांकि, इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं को लेकर बाजार में चर्चा जारी है।