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यूपीआई लेन-देन पर नया शुल्क ढांचा: कौन देगा एमडीआर, कौन बचेगा

भारतीय डिजिटल भुगतान प्रणाली में नया बदलाव आया है। नए ढांचे में व्यक्तिगत लेन-देन पूरी तरह मुफ्त रहेंगे, जबकि केवल बड़े मर्चेंट लेन-देन पर शुल्क लागू होगा।

LSN India · 15 September 2026

यूपीआई लेन-देन पर नया शुल्क ढांचा: कौन देगा एमडीआर, कौन बचेगा

यूपीआई लेन-देन के लिए भारतीय नियामकों ने एक नया शुल्क ढांचा लागू किया है जो डिजिटल भुगतान को सुगम बनाने का लक्ष्य रखता है। नई व्यवस्था के तहत सामान्य नागरिकों के बीच सभी व्यक्तिगत धन हस्तांतरण पूरी तरह निःशुल्क रहेंगे। इससे आम जनता को कोई अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा।

एमडीआर अर्थात मर्चेंट डिस्काउंट रेट केवल 2,000 रुपये से अधिक राशि वाले चुनिंदा व्यापारिक लेन-देन पर ही लागू होगा। इस नई नीति में 5 रुपये से लेकर 300 रुपये तक के शुल्क का प्रावधान किया गया है, जो लेन-देन की राशि के आधार पर भिन्न होता है। छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए विशेष राहत दी गई है।

इस व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि भारत के लगभग 96 प्रतिशत छोटे व्यापारी और दुकानदार इस शुल्क व्यवस्था के दायरे से पूरी तरह बाहर रहेंगे। इसका अर्थ है कि छोटे और स्ट्रीट वेंडर जैसे आवश्यक व्यापारियों को अपने यूपीआई लेन-देन के लिए कोई अतिरिक्त खर्च नहीं करना होगा।

इस नीति को भारतीय डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और लेन-देन में पारदर्शिता लाने के लिए डिजाइन किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम डिजिटल भुगतान को सर्वव्यापी बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा और आर्थिक समावेशन को बढ़ावा देगा।