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नए मतदाताओं के फॉर्म 6 में बदलाव से उठा विवाद
चुनाव आयोग की ईसीआईनेट पोर्टल पर जुलाई 2026 में फॉर्म 6 के ऑनलाइन संस्करण में एक नई घोषणा जोड़ी गई। यह छोटा सा संशोधन बड़ी राजनीतिक बहस का कारण बन गया।
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चुनाव आयोग द्वारा किए गए एक साधारण से संशोधन ने मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया को लेकर तीव्र बहस छेड़ दी है। जुलाई 2026 में ईसीआईनेट पोर्टल पर नए मतदाताओं के लिए फॉर्म 6 के ऑनलाइन संस्करण में एक नई घोषणा शामिल की गई थी। इस परिवर्तन को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और नागरिक अधिकार संगठनों ने चिंता जताई है।
फॉर्म 6 नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इस फॉर्म में की गई नई घोषणा से संबंधित विवरण अभी स्पष्ट नहीं हैं, किंतु विरोधी पक्षों का दावा है कि यह परिवर्तन मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक जटिल और प्रतिबंधात्मक बना सकता है। कुछ संगठनों का तर्क है कि यह युवा और हाशिए पर रहने वाले मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित कर सकता है।
चुनाव आयोग का कहना है कि यह संशोधन पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है। हालांकि, आलोचकों का मानना है कि बिना व्यापक परामर्श के ऐसे बदलाव लागू करने से लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित होती है।
इस मुद्दे पर चर्चा जारी है और विभिन्न पक्षों से चुनाव आयोग से संशोधन की समीक्षा करने की मांग की जा रही है। आने वाले दिनों में इस विवाद के क्या परिणाम निकलेंगे, यह देखना बाकी है।