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1904 में बीज से शुरुआत, न्यूजीलैंड ने रचा कीवी फल का इतिहास
न्यूजीलैंड में चीनी आंवले के बीजों की बदौलत शुरू हुई कृषि क्रांति आज विश्व निर्यात बाजार में शीर्ष स्थान हासिल करती है। 2025-26 के मौसम में उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान है।
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न्यूजीलैंड की कृषि में एक ऐतिहासिक मोड़ 1904 में आया जब स्कूल प्रिंसिपल मैरी इसाबेल फ्रेजर ने चीनी आंवले के बीज देश में लाए। इन बीजों ने न्यूजीलैंड की जलवायु में अनुकूल परिस्थितियां पाईं और 1910 तक फलदार पौधों में परिणत हो गईं। यह कदम आने वाले दशकों में कृषि परिदृश्य को बदलने वाला साबित हुआ।
व्यावसायिक दृष्टिकोण से इस फल का नाम परिवर्तन एक महत्वपूर्ण मोड़ था। 1959 में निर्यातकों ने अमेरिकी बाजार में इसे 'कीवीफ्रूट' के नाम से प्रस्तुत किया, जो इसकी व्यावहारिक और विपणन सफलता में योगदान दिया। नया नाम फल को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने में कारगर साबित हुआ।
आज न्यूजीलैंड विश्व में कीवीफ्रूट का सबसे बड़ा निर्यातक देश के रूप में प्रतिष्ठित है। विगत वर्षों में विभिन्न रोग प्रकोपों पर काबू पाने के बाद उत्पादन में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। आने वाले 2025-26 के कृषि सीजन में देश के निर्यात पूर्वानुमान के अनुसार सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचने की संभावना है, जो न्यूजीलैंड की कीवीफ्रूट उद्योग की सफलता का प्रमाण है।