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न्यूजीलैंड में बिच्छू जैसे जानवर वन्यजीवन के लिए बने खतरा
उन्नीसवीं सदी में कीटों को नियंत्रित करने के लिए न्यूजीलैंड लाए गए यूरोपीय हेजहॉग आज देश के अद्वितीय वन्यजीवन के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं। स्थानीय पक्षियों और अन्य प्रजातियों के संरक्षण के लिए सरकार इन जानवरों को हटाने का अभियान चला रही है।
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न्यूजीलैंड में 1885 के आसपास यूरोपीय हेजहॉग को बागों में कीटनाशक के रूप में पेश किया गया था। उस समय यह निर्णय बगीचे की देखभाल में मददगार साबित हुआ था। हालांकि, पिछली डेढ़ सदी में इन कांटेदार जानवरों की आबादी तेजी से बढ़ी है और अब वे न्यूजीलैंड के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक गंभीर समस्या बन गए हैं।
हेजहॉग न्यूजीलैंड के मूल निवासी पक्षियों और अन्य वन्यजीवन के लिए विनाशकारी साबित हुए हैं। ये जानवर जमीन पर घोंसला बनाने वाली पक्षियों के अंडे और बच्चों को खा जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार हेजहॉग की शिकारी प्रवृत्ति ने कई दुर्लभ प्रजातियों की आबादी में कमी ला दी है।
न्यूजीलैंड के संरक्षण विभाग ने इस समस्या से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर हेजहॉग हटाने के कार्यक्रम शुरू किए हैं। ये संरक्षण पहल विशेष रूप से जमीन पर घोंसला बनाने वाली दुर्लभ पक्षियों की प्रजातियों की रक्षा पर केंद्रित हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि हेजहॉग की आबादी को नियंत्रित किए बिना न्यूजीलैंड की जैव विविधता को बचाना असंभव है।