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न्यूटन का प्रसिद्ध कथन: दीवारें बनाते हैं, पर सेतु नहीं
प्रख्यात वैज्ञानिक सर आइजैक न्यूटन का एक विचारोत्तेजक कथन समाज में विभाजन और एकता पर चिंतन के लिए प्रासंगिक बना हुआ है। उनके शब्द मानवता को आपस में जुड़ने की आवश्यकता की ओर इशारा करते हैं।
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सर आइजैक न्यूटन, जिन्होंने भौतिकी और गणित में क्रांतिकारी योगदान दिया, अपने गहन अवलोकनों के लिए जाने जाते हैं। उनका एक प्रसिद्ध कथन है कि हम बहुत सारी दीवारें बनाते हैं, लेकिन पर्याप्त सेतु नहीं। यह विचार भौतिक संरचनाओं से परे, मानवीय संबंधों और सामाजिक सद्भावना के बारे में गहरा संदेश देता है।
इस कथन का आशय यह है कि समाज विभाजन और बाधाओं की ओर ज्यादा ध्यान देता है। चाहे वह भौगोलिक सीमाएं हों, सांस्कृतिक मतभेद हों या विचारधारात्मक अंतराल हो, हम अक्सर अलगाववादी रुख अपनाते हैं। दूसरी ओर, संवाद और समझ के माध्यम से पुल बनाने के प्रयास अपेक्षाकृत कम होते हैं।
न्यूटन के इस विचार का आधुनिक संदर्भ में विशेष महत्व है। वैश्विक स्तर पर बढ़ती ध्रुवीकरण और स्थानीय समुदायों के भीतर बिखराव के बीच, उनका संदेश एकता और पारस्परिक सहयोग की आवश्यकता पर जोर देता है। सेतु निर्माण केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मनुष्यों के बीच विश्वास, सम्मान और सहानुभूति के संजाल को मजबूत करने का प्रतीक है।