LSN News › India

Business · India Bureau

राज्य खनिजों की चोरी के लिए एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य: एनजीटी

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि पुलिस और खनन प्राधिकारियों को सरकारी खनिजों की चोरी के मामलों में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करनी अनिवार्य है। जनता ने जुर्माना देने से आपराधिक मुकदमे को रोका नहीं जा सकता।

LSN India · 6 November 2026

राज्य खनिजों की चोरी के लिए एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य: एनजीटी

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि राज्य के खनिज संसाधनों की चोरी के संबंध में पुलिस और खनन विभाग के अधिकारियों को अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज करनी चाहिए। प्राधिकरण के अनुसार, ऐसे अपराधों में पेनल्टी या जुर्माना का भुगतान करने से आपराधिक कार्रवाई को रोका नहीं जा सकता है।

एनजीटी ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि खनिज संसाधनों की अवैध खनन या चोरी को केवल प्रशासनिक दंड से संतुष्ट नहीं किया जा सकता। इस तरह के मामलों में आपराधिक पहलू को भी सख्ती से संबोधित करना होगा। प्राधिकरण का यह निर्देश खनन क्षेत्र में अनुशासन लागू करने और संसाधनों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यह निर्णय उन मामलों में विशेष प्रभाव डालेगा जहां खनन अधिकारियों ने केवल आर्थिक दंड के माध्यम से अवैध खनन संबंधी विवादों को निपटाने की प्रवृत्ति दिखाई है। एनजीटी के अनुसार, पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन के साथ-साथ सार्वजनिक संपत्ति की चोरी को भी दंडनीय अपराध माना जाना चाहिए।

इस फैसले से यह संदेश जाता है कि खनिज संरक्षण के मामले में सरकार दोहरी कार्रवाई के माध्यम से सख्त रुख अपनाएगी। प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ आपराधिक मुकदमे भी चलाए जाएंगे, जिससे अवैध खनन में लिप्त लोगों को उचित सजा मिले।