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पुलवामा के दोनों युवकों को श्रीनगर ग्रेनेड ब्लास्ट केस में बरी किया गया
एनआईए अदालत ने 2021 के श्रीनगर ग्रेनेड विस्फोट मामले में पुलवामा के दो आरोपियों को अपर्याप्त साक्ष्य और जांच में खामियों का हवाला देते हुए बरी कर दिया है। अदिल फारूक भाट और इमरान नाजिर नाजर को यूएपीए, आईपीसी और आर्म्स एक्ट के तहत आरोपों से मुक्त किया गया है।
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श्रीनगर की एनआईए अदालत ने पुलवामा के दोनों युवकों अदिल फारूक भाट और इमरान नाजिर नाजर को अगस्त 2021 के ग्रेनेड विस्फोट मामले में बरी कर दिया है। अदालत ने आतंकवाद निरोधक कानून यूएपीए, भारतीय दंड संहिता और आर्म्स एक्ट के तहत लगाए गए आरोपों को रद्द किया है।
अदालत के निर्णय में कहा गया है कि अभियोजन पक्ष के पास आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं था। अदालत ने जांच में कई महत्वपूर्ण खामियों को भी दर्ज किया है, जिन्होंने आरोपियों के विरुद्ध मामले को कमजोर किया।
अगस्त 2021 में श्रीनगर में हुए ग्रेनेड हमले में कई लोग घायल हुए थे। इस घटना के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था और उन पर गंभीर आरोप लगाए गए थे।
यह फैसला इस बात को रेखांकित करता है कि आतंकवाद संबंधी मामलों में अदालतें साक्ष्य की कड़ाई से जांच करती हैं। एनआईए अदालत ने कहा है कि संदेह का लाभ आरोपियों को दिया जाना चाहिए क्योंकि गंभीर आरोपों को साबित करने के लिए मजबूत साक्ष्य आवश्यक होता है।