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फेडरल रिजर्व की ब्याज दरें बढ़ने की संभावना से आईटी सेक्टर में गिरावट
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की बढ़ती संभावनाओं के कारण भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों में तेजी से गिरावट आई है। निफ्टी आईटी इंडेक्स लगभग 3 प्रतिशत नीचे आया जबकि इनफोसिस सबसे बड़ा नुकसानदेह रहा।
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बाजार विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी केंद्रीय बैंक की संभावित नीति कसाव के कारण सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र को नकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। फेडरल रिजर्व द्वारा दरें बढ़ाने की प्रत्याशा से विदेशी निवेशकों ने भारतीय आईटी शेयरों से पूंजी निकालना शुरू किया है।
आईटी बास्केट में शेयरों ने 2 से 4 प्रतिशत के बीच में गिरावट दर्ज की। इनफोसिस सबसे बड़ा नुकसानदेह रहा, जिसका शेयर 3.8 प्रतिशत गिरा। इसके अलावा अन्य प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में भी उल्लेखनीय गिरावट देखी गई।
वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में मंदी की चिंताएं बढ़ने से विदेशी संस्थागत निवेशक अपना पोर्टफोलियो समायोजित कर रहे हैं। भारतीय आईटी सेक्टर की राजस्व का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अमेरिका से आता है, जहां ब्याज दर बढ़ने से कॉर्पोरेट व्यय में कटौती होने का आशंका है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक फेडरल रिजर्व की नीति के बारे में स्पष्टता नहीं आती, तब तक आईटी सेक्टर में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।